बिखरी डायरी
Expression of thoughts, Life Experiences, Book Reviews, Analysis and Most importantly a balance between personal life and professional life.
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आनंदऔर अनुभव एक बार फिर मैंने समय के कुछ पीछे जाकर, कुछ महीनों बाद फिर से कुछ यादों को निकालने का प्रयास किया है। आइये आपको एक ऐसे यात्रा वृतान्त के भवसागर में ले चलते है, जो कुछ लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया था, और शायद ही उसे कोई भुला पाया होगा।…
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एक ऐसा खेल जिसे शायद पूरी दुनिया खेलती है या यूँ कहें वो खेल ख़ुद लोगों को खेलने पर मज़बूर कर देता है। जी हाँ!!नाम है ख्वाइशों का खेल!!!कुछ यूँ कहें तो व्यक्ति का पूरा जीवन कुछ और नहीं ख्वाइशों से भरी एक दुनिया मात्र है,समय के बढ़ते चक्र के साथ वो सारा दांव पेंच…
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स्थान- पुरानी दिल्ली मुखर्जीनगर, मुखर्जी नगर की वास्तिवकता से अवगत तो नहीं हूँ, किन्तु इस किताब ने 180 पेज पढ़ने तक वहाँ की ज़िन्दगी को वही की गलियों से मानो जीवन्त दर्शन कराया हो। कहानी का सार कुछ यूं रहा कि देश के कोने कोने से निकल अपने ख़्वाबों को साकार करने उसी वजीराबाद, नेहरूविहार,…
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स्मृतियां Content- 18+ (Keep calm and be patience)😅 Episode -1 यादों के उन्हीं झरोखों के क्रम में आगें बढ़ता हूँ,आगें की कहानी में थोड़ा सहूलियत बरतने की जरूरत है और मैं उसका ध्यान रखते हुए आगें बढ़ रहा हूँ आप सब पढ़िए और आनंद लीजिये और उन यादों को ताज़ा करिए-बच्चा जब होश संभालना शुरू…
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स्मृतियां यादोंकेकुछझरोखोंकेसाथ Part -1 आज भी जब उन दिनों की याद आती है, तो लगता है कि वो लम्हें कितने हसीन थे। दिल करता है फिर से उन्हीं लम्हों, उन्हीं अधूरी गलियों, और उन्हीं शोरगुल वाले पलो में कही खो जाने को। जब ठीक से होश संभाला, जब से चीज़े याद रह सके ऐसी स्थिति…
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Thanks for joining me! Good company in a journey makes the way seem shorter. — Izaak Walton