बिखरी डायरी

Expression of thoughts, Life Experiences, Book Reviews, Analysis and Most importantly a balance between personal life and professional life.

Category: Life Experiences

  • किसी को वास्तव में जानने के लिएख़ुद को भूलना पड़ता है।क्योंकि जब तक ‘मैं’ बचा रहता है,तब तक सामने वालापूरा दिखाई ही नहीं देता।और यह जानना, यह समझना,किसी तर्क से नहीं,ठहराव से आता हैउस ठहराव से,जहाँ मन भागना छोड़ देता हैऔर आत्मा सुनने लगती है।इतना लीन होना एक-दूसरे मेंकि यह भी याद न रहेकि हम…

  • ख़ामोशियाँ रोमांटिक होती हैंहाँ, शायद रोमांस से भी कहीं ज़्यादा।क्योंकि ख़ामोशी की तारीफ़ख़ामोशी से ही हो सकती है;लफ़्ज़ वहाँ अक्सरअपने ही अर्थों का बोझढोते हुए थक जाते हैं। ख़ामोशी में बैठे दो चेहरेबीच में बहती एक शांत मधुर हवा,जो एक के माथे को चूमते हुएबालों के साथ दूसरे तक पहुँच जाती है,जैसे समय भीउन दोनों…

  • कई बार कोई मकान इसलिए खड़ा नहीं रहता कि उसके सारे स्तंभ मजबूत थे, बल्कि इसलिए कि एक ही स्तंभ अपनी क्षमता से अधिक बोझ उठा रहा था। हम भूल जाते हैं कि दृढ़ता हमेशा समान रूप से वितरित नहीं होती, कहीं न कहीं कोई एक तत्व चुपचाप, अकेले, पूरे ढांचे का भार संभाल रहा…

  • वह हमेशा से कुछ ऐसे रहा, जैसे कोई भीतर ही भीतर एक सौम्य सा गुलाब लिए घूमता होएक ऐसा गुलाब, जिसकी पंखुड़ियाँ उसके स्वभाव में,और जिसकी सुगंध उसके शब्दों और व्यवहार में समाई हो।लोग उसे देखते तो बस मुस्कुराते,जैसे किसी अनकहे सौंदर्य से अचानक सामना हो गया हो। लेकिन उसकी सुंदरता, उसकी सरलता, उसकी महकयह…

  • उस शाम भीड़ में उसका अचानक दिखाई देना किसी साधारण संयोग की तरह नहीं था; वह अधिक किसी रहस्य की अनकही परत जैसा था, जिसे समय ने तीन वर्षों तक अपने भीतर छुपाकर रखा हो और ठीक उसी क्षण अनायास खोल दिया हो, जब मन सबसे कम तैयार हो। उम्र के साथ उसके चेहरे पर…

  • दोस्तों! मेरा नाम है हिमांशु सुधा, कहानियां सुनाता हूँ!(Nilesh Mishra Style ) कहानी संख्या:- 1 गर्मी के मौसम का वह अंतहीन सा दिन धीरे-धीरे शाम में ढल रहा था। हवा सूखकर खुरदुरी हो चुकी थी, जैसे किसी ने प्रकृति के गले में धूल भर दी हो। सूरज, जो पूरे दिन अपने ताप के अहंकार में…

  • सही जगह पर न बोलते हुए ख़ामोश रह जाना,कई बार गुनाह करने से भी अधिक ख़तरनाक होता है।क्योंकि जहाँ अन्याय के सामने मौन ओढ़ लिया जाता है,वहाँ सच की आवाज़ दम तोड़ देती है। इज़्ज़त, नैतिकता की चादर और तमाम झूठे वादों के आड़ में हम अक्सर अपने भीतर की कुंठाओं को पालते रहते हैं।यह…

  • सामाजिक प्राणी के तौर पर किसी भी व्यक्ति की पहचान केवल उसकी उपलब्धियों या ज्ञान से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, आचरण और अन्य मानवीय गुणों से होती है। मनुष्य का आचरण उसके ज्ञान और चेतना के स्तर को स्पष्ट करता है। सामान्यतः यह देखा जाता है कि जिस व्यक्ति के पास वास्तविक ज्ञान/जानकारी होता है,…

  • I had to grow up far too soon,Hiding my tears behind a smile of noon.At a young age I learned to bear,Others’ burdens, their pain and care. Without you, the world feels bare,Without you, no joy feels fair.Even without you, I just try to smile,But hide my emptiness all the while. Your voice still echoes…

  • Simplicity is a choice,to live with grace,to meet the worldwith kindness in every face. True success is quiet,not loud, not known,it blooms in heartsthat love has grown. A gentle word, a patient tone,can build a bridge, can make a home.No crown, no gold, no fleeting fame,can shine as bright as a humble name. For in…

  • पुरुष यदि स्त्रियों की संवेदनशीलता और सहनशीलता से सीख सके,तो उसका व्यक्तित्व और भी संतुलित एवं परिपक्व बन सकता है। सिर्फ़ शिक्षा या धन से नहीं,बल्कि करुणा, धैर्य और समझ से ही सच्ची मनुष्यता पनपती है। जब पुरुष महिलाओं की दृष्टि से दुनिया देखना सीख जाता है,तभी वह रिश्तों, समाज और जीवन के असली अर्थ…

  • हम अपनी प्रेमिका से उतना ही प्यार करते हैं जितना दोस्तों से,शायद दोस्तों से अधिक ही। लेकिन यहाँ ध्यान देने की बात यह है कि दोनों रिश्तों का आधार और उन्हें निभाने का तरीका अलग होता है। गर्लफ्रेंड/प्रेमिका के साथ का रिश्ता संवेदनाओं, जिम्मेदारियों और भावनाओं का अधिक गहन रूप होता है,जबकि दोस्तों के साथ…

  • हर व्यक्ति का अपना संघर्ष होता है जो कभी तुलनात्मक नहीं हो सकता। संघर्ष करना भी बहुत जरूरी है आपको जीवन का एक नया आयाम मिलता है पर कुछ संघर्ष एक यात्रा की तरह आपके जीवन में आते हैं जिनकी कोई मंजिल नहीं दिखती। व्यक्ति अपने जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव, संघर्ष या यूँ कहे इस…

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