बिखरी डायरी

Expression of thoughts, Life Experiences, Book Reviews, Analysis and Most importantly a balance between personal life and professional life.

इस दुनिया में सबसे बड़ा धन स्वास्थ्य धन है यदि आप स्वयं और आपके माता पिता के साथ अन्य परिवार के सदस्य पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं तो यक़ीनन आप धनी है।

जितने भी लोग अपने जीवन के दूसरे चरण यानी 25-35 वर्ष के बीच हैं कोई अध्ययनरत होगा, कोई नौकरी की तलाश में, तो कोई नौकरी में लेकिन इन सबके बीच कैसे भी करके आपको स्वयं के साथ अपने लोगों खासकर मां बाप के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा।

आपके संघर्ष /कठिन समय को देखते हुए कई बार मां बाप आपको बहुत चीजें बताते ही नहीं हैं लेकिन उम्र की इस अवस्था में आपको परिपक्वता दिखानी होगी और अब आपको उनके स्वास्थ्य संबंधित जानकारी पूरी डिटेल्स में रखनी होगी वो बताएं या नहीं फिर आप उनको अपने पास रखें, किसी और को उनके पास रखें या फिर ख़ुद ही कुछ भी करके बराबर सब अपडेट आप लेते रहे।

सामंजस्य आपको बनाना ही होगा, दुनिया न कभी रुकी है न रुकेगी नौकरी, पैसा, सफ़लता सबका प्रयास करिए लेकिन मां बाप और स्वयं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखने के साथ।

दुनिया में सब कुछ आगे पीछे, कम ज्यादा हासिल हो सकता है लेकिन यदि इसकी ट्रेन एक बार छूटी तो कभी पकड़ने का मौका नहीं मिलेगा और रह जाएगा हाथ में सिर्फ़ मलाल।

उम्र के इस पड़ाव पर यदि मां बाप या किसी और अजीज को आप खो देते हैं तो फिर उसके बाद जीवन में सफलता असफलता का क्या मूल्य बचता है मुझे नहीं पता।

मुझे ऐसा लगता है व्यक्ति के जीवन की बुनियाद रिश्तों और मानवीय गुणों पर ही टिकी होती है, बाकी चीजें उसके लिए जीवन निर्वहन करने में सहायक मात्र होती हैं।

Posted in

Leave a comment

Design a site like this with WordPress.com
Get started